तमिलनाडु में कुरुवई धान किसानों को ₹134.83 करोड़ का विशेष पैकेज!
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कुरुवई धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए 'कुरुवई विशेष पैकेज योजना - 2026' की घोषणा की है। इस योजना से राज्य के लाखों धान किसानों को सीधा फायदा मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी।
एक नज़र में
- मुख्य फैसला: तमिलनाडु सरकार ने कुरुवई धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए ₹134.83 करोड़ की 'कुरुवई विशेष पैकेज योजना - 2026' की घोषणा की है।
- किसान लाभ: यह योजना डेल्टा और गैर-डेल्टा जिलों के लाखों धान किसानों को लाभान्वित करेगी, जिससे उनकी उपज बढ़ेगी और आय में वृद्धि होगी।
- ज़रूरी कदम: किसान भाई अपने स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क कर इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया और पात्रता मानदंड के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को राज्य भर में कुरुवई धान की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'कुरुवई विशेष पैकेज योजना - 2026' का ऐलान किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ₹134.83 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, जिसका लाभ तमिलनाडु के डेल्टा और गैर-डेल्टा दोनों क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा।
धान की खेती तमिलनाडु की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों की आजीविका का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेष रूप से, कावेरी डेल्टा और गैर-डेल्टा जिलों में कुरुवई, कर और स्वर्णवारी मौसमों के दौरान की जाने वाली धान की खेती कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
मुख्यमंत्री विजय ने धान की खेती को प्रोत्साहित करने और उत्पादन व उत्पादकता दोनों को बढ़ाने के उद्देश्य से इस विशेष पैकेज की घोषणा की है। तमिलनाडु में सालाना औसतन 52.72 लाख एकड़ भूमि पर धान की खेती की जाती है।
इसमें से, कावेरी डेल्टा क्षेत्र के तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम और मायिलादुथुराई जिलों के साथ-साथ कुड्डालोर, तिरुचिरापल्ली और अरियालुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में धान की खेती प्रमुखता से होती है। डेल्टा जिलों में, सालाना लगभग 20.65 लाख एकड़ भूमि पर धान की खेती की जाती है, जिसमें से अकेले कुरुवई की खेती औसतन 5.14 लाख एकड़ में होती है।
इसके अतिरिक्त, राज्य के गैर-डेल्टा जिलों में सालाना 32.07 लाख एकड़ भूमि पर धान की खेती की जाती है। यह योजना किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक और अन्य कृषि इनपुट प्राप्त करने में मदद करेगी, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता और उपज में सुधार होगा।
यह योजना तमिलनाडु सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी वादा नहीं है, बल्कि सरकार का किसानों और उनके परिवारों की सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने का संकल्प है। इस योजना से किसानों को अपनी फसल के लिए बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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