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🌼 सरसों 🗓️ बुवाई अक्टूबर 🧪 गंधक ज़रूरी

सरसों की उन्नत खेती Improved Mustard Cultivation — Sowing to Harvest

सरसों दो सिंचाई में तैयार हो जाती है, पर दो चीज़ें अक्सर छूट जाती हैं — बुवाई की तारीख और गंधक। दोनों सीधे तेल और उपज घटाती हैं।

✍️ Kunal Rajput — KrashiMitra ⏱️ 10 मिनट पढ़ें 📅 सितंबर 2026

कम पानी की फसल, कम ध्यान की नहीं

🗓️
10–25 अक्टूबर
सिंचित बुवाई की खिड़की
🌱
2 किलो
बीज प्रति एकड़
🧪
40 किलो
गंधक प्रति हेक्टेयर
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भूमिका

सरसों रबी की सबसे कम पानी माँगने वाली नकदी फसल है — दो सिंचाई में तैयार हो जाती है, और गेहूं के मुकाबले लागत काफी कम बैठती है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के लाखों खेतों में यही वह फसल है जो कम पानी वाले रकबे को भी कमाई में बदल देती है।

पर दो चीज़ें ज़्यादातर खेतों में छूट जाती हैं, और दोनों सीधे तेल और उपज घटाती हैं — बुवाई की तारीख का खिसकना, और गंधक (सल्फर) का न डाला जाना। सरसों तिलहन फसल है; गंधक के बिना उसमें तेल बनता ही नहीं जितना बनना चाहिए, और यूरिया-DAP वाले खेतों में गंधक कहीं से आती नहीं। इस लेख में बुवाई से कटाई तक की पूरी विधि है, तारीखों और मात्राओं के साथ।


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🗓️

बुवाई का सही समय — यहीं आधी उपज तय होती है

सरसों की तारीख गेहूं से भी ज़्यादा सख्त है। जल्दी बोने पर फसल गर्मी में फूलती है और माहू जल्दी आता है; देर से बोने पर फली भरने के समय गर्मी पड़ जाती है और दाना हल्का रह जाता है।

स्थितिबुवाई का समयध्यान देने की बात
बारानी / असिंचित25 सितंबर – 15 अक्टूबरमानसून की बची नमी में बोना ज़रूरी
सिंचित, समय से10 – 25 अक्टूबरसबसे अच्छी उपज इसी खिड़की में
पछेती (धान के बाद)नवंबर के मध्य तकदेर से पकने वाली नहीं, जल्दी तैयार होने वाली किस्म लें
⚠️
20 अक्टूबर के बाद हर हफ्ते की देरी उपज घटाती है। अगर धान की कटाई में देर हो रही है तो पछेती के लिए सिफारिश की गई जल्दी पकने वाली किस्म चुनिए — समय से बोई जाने वाली किस्म को देर से बोना दोनों तरफ से नुकसान है।

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किस्म का चुनाव

किस्मपकने की अवधिकिसके लिए
पूसा बोल्डलगभग 110–130 दिनसिंचित, समय से बुवाई — मोटा दाना
गिरिराजलगभग 135–145 दिनसिंचित, ऊँची उपज वाली
RH 749 / RH 725लगभग 135–145 दिनहरियाणा-राजस्थान बेल्ट, सिंचित
पूसा सरसों 25 / 26लगभग 105–125 दिनजल्दी तैयार — धान के बाद की बुवाई
NRCHB 101लगभग 110–125 दिनपछेती व कम पानी की स्थिति
⚠️
किस्म की सिफारिश ज़िले और मिट्टी के हिसाब से बदलती है, और नई किस्में हर कुछ साल में पुरानी को पीछे छोड़ देती हैं। बीज खरीदने से पहले अपने कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से अपने क्षेत्र की मौजूदा सिफारिश ज़रूर पूछ लीजिए, और बीज हमेशा पक्के बिल के साथ लीजिए।

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बीज दर, दूरी और बीज उपचार


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खाद और गंधक — सरसों का असली फर्क यहीं है

सिंचित सरसों की मानक सिफारिश 80:40:40 किलो NPK प्रति हेक्टेयर के साथ 40 किलो गंधक प्रति हेक्टेयर है। गंधक वाला हिस्सा ही वह चीज़ है जो सरसों को गेहूं से अलग करती है — तिलहन फसल में गंधक सीधे तेल की मात्रा से जुड़ी है, और यूरिया या DAP में गंधक बिल्कुल नहीं होती।

प्रति एकड़SSP वाला रास्ता (बेहतर)DAP वाला रास्ता
फॉस्फोरस की खाद2 बोरी SSP (100 किलो)¾ बोरी DAP (35 किलो)
यूरिया70 किलो57 किलो
पोटाश (MOP)27 किलो27 किलो
गंधक के लिए जिप्सम30 किलो (SSP से 11 किलो गंधक पहले ही)90 किलो (पूरी गंधक अलग से)
⚠️
मात्रा मिट्टी जाँच रिपोर्ट और राज्य की सिफारिश से तय होनी चाहिए — जिन खेतों में गंधक पहले से पर्याप्त है वहाँ जिप्सम डालना पैसे की बर्बादी है। खाद खरीदने से पहले नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से पुष्टि कर लीजिए।

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सिंचाई — सिर्फ़ दो, पर दोनों तय समय पर

सरसों की पूरी अर्थव्यवस्था इसी बात पर टिकी है कि उसे दो सिंचाई में निपटाया जा सकता है। पर दोनों का समय बदला नहीं जा सकता।


🐛

कीट और रोग — कब क्या देखना है

समस्याकब आती हैपहचान
माहू / चेपा (एफिड)दिसंबर–जनवरी, फूल-फली परफूलों और मुलायम फलियों पर हरे-भूरे कीटों का गुच्छा, चिपचिपा रस
सफेद रतुआठंड और नमी मेंपत्तियों की निचली सतह पर सफेद उभरे धब्बे, तना टेढ़ा होना
अल्टरनेरिया झुलसाफली बनने के समयपत्तियों और फलियों पर गोल भूरे धब्बे, बीच में छल्ले
चित्रित बग (पेंटेड बग)अंकुरण के तुरंत बादनन्हे पौधों का रस चूसकर सुखा देना

माहू ही सरसों का सबसे बड़ा दुश्मन है — यह सीधे फूल और भरती हुई फलियों पर लगता है, इसलिए इसकी निगरानी दिसंबर से शुरू कर दीजिए। छिड़काव हमेशा शाम को कीजिए, ताकि परागण करने वाली मधुमक्खियाँ बचें।


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कटाई, उपज और भाव

💰
सरसों-राई का सबसे हाल में घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹6,200 प्रति क्विंटल है, जो पिछले साल से ₹250 ज़्यादा है — यह रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए घोषित हुआ था। अभी बोई जा रही फसल का MSP सरकार अलग से घोषित करेगी, इसलिए बेचने से पहले आज का मंडी भाव और ताज़ा घोषणा दोनों देख लीजिए।

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ये गलतियाँ कभी न करें


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सरसों का पूरा कैलेंडर

समयज़रूरी काम
सितंबर का दूसरा पखवाड़ाखेत की तैयारी, गोबर की खाद, बीज और गंधक का इंतज़ाम
10–25 अक्टूबरबुवाई — पूरी SSP/DAP, पोटाश, जिप्सम और आधी यूरिया
15–20 दिनछँटाई और पहली निराई
30–35 दिनपहली सिंचाई + बची हुई आधी यूरिया
दिसंबर सेमाहू की निगरानी शुरू — फूल और फलियों पर
70–75 दिनदूसरी सिंचाई — फली भरते समय
135–150 दिनकटाई, जब 75% फलियाँ पीली हों — सुबह के समय

निष्कर्ष

तीन बातें याद रखिए। पहली — सिंचित सरसों की बुवाई 10 से 25 अक्टूबर के बीच, और हर हफ्ते की देरी उपज घटाती है। दूसरी — गंधक डालिए; तिलहन में यही तेल बनाती है और यूरिया-DAP में यह होती ही नहीं। तीसरी — दो सिंचाई, पर दोनों तय समय पर: 30–35 दिन और 70–75 दिन

सरसों कम पानी की फसल है, कम ध्यान की नहीं — तारीख और गंधक, यही दो चीज़ें उसे कमाई की फसल बनाती हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1सरसों की बुवाई का सही समय क्या है?
सिंचित सरसों की सबसे अच्छी बुवाई 10 से 25 अक्टूबर के बीच है, जबकि बारानी यानी असिंचित खेतों में इसे 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक मानसून की बची नमी में बो देना चाहिए। धान की कटाई के बाद नवंबर के मध्य तक बुवाई हो सकती है, पर तब जल्दी पकने वाली किस्म ही लेनी चाहिए।
2सरसों में 1 एकड़ में कितना बीज लगता है?
करीब 1.5 से 2 किलो प्रति एकड़, यानी 4–5 किलो प्रति हेक्टेयर। सरसों का दाना बहुत छोटा होता है, इसलिए ज़्यादा बीज डालना सबसे आम गलती है — घनी फसल में हर पौधा कमज़ोर रहता है और फलियाँ कम लगती हैं। बीज को बालू या सूखी मिट्टी में मिलाकर 2–3 सेंटीमीटर गहराई पर बोइए।
3सरसों में कौन सी खाद और कितनी डालें?
सिंचित सरसों की सिफारिश 80:40:40 किलो NPK के साथ 40 किलो गंधक प्रति हेक्टेयर है। एक एकड़ में यह लगभग 2 बोरी SSP, 70 किलो यूरिया, 27 किलो पोटाश और 30 किलो जिप्सम बनता है — पूरी SSP, पोटाश, जिप्सम और आधी यूरिया बुवाई के दिन, बची आधी यूरिया पहली सिंचाई पर।
4सरसों में गंधक (सल्फर) क्यों ज़रूरी है?
सरसों तिलहन फसल है और गंधक सीधे दाने में तेल बनने से जुड़ी है — इसकी कमी में उपज भी घटती है और तेल की मात्रा भी। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यूरिया और DAP दोनों में गंधक बिल्कुल नहीं होती, इसलिए सालों से इन्हीं पर चलने वाले खेतों में कमी आम है। SSP या जिप्सम इसी खाली जगह को भरते हैं।
5सरसों में कितनी सिंचाई चाहिए और कब?
दो सिंचाई काफी हैं — पहली बुवाई के 30–35 दिन बाद फूल आने से ठीक पहले, और दूसरी 70–75 दिन पर जब फलियाँ भर रही हों। अगर सिर्फ़ एक सिंचाई का पानी हो तो उसे फूल आने से पहले वाली अवस्था पर दीजिए। सिंचाई हल्की रखिए — सरसों जलभराव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती।
6सरसों की कौन सी किस्म सबसे अच्छी है?
सिंचित और समय से बुवाई के लिए पूसा बोल्ड, गिरिराज और RH 749 जैसी किस्में प्रचलित हैं, जबकि धान के बाद देर से बुवाई के लिए पूसा सरसों 25/26 और NRCHB 101 जैसी जल्दी पकने वाली किस्में चुनी जाती हैं। किस्म की सिफारिश ज़िले और मिट्टी से बदलती है, इसलिए बीज लेने से पहले अपने कृषि विज्ञान केंद्र से पुष्टि कर लीजिए।
7सरसों में माहू (चेपा) कब लगता है?
माहू आमतौर पर दिसंबर से जनवरी के बीच, जब फसल फूल पर आती है और मुलायम फलियाँ बन रही होती हैं — यही सरसों का सबसे बड़ा दुश्मन है। हरे-भूरे कीटों का गुच्छा फूलों और फलियों पर दिखते ही निगरानी बढ़ा दीजिए, और छिड़काव शाम के समय कीजिए ताकि परागण करने वाली मधुमक्खियाँ बचें।
8सरसों की उपज और MSP कितनी है?
सिंचित और समय से बोई सरसों में उपज लगभग 8–10 क्विंटल प्रति एकड़ रहती है। सरसों-राई का सबसे हाल में घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹6,200 प्रति क्विंटल है, जो रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए ₹250 की बढ़ोतरी के साथ तय हुआ था; अभी बोई जा रही फसल के लिए MSP सरकार अलग से घोषित करेगी।
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